गुमान न कर कोरोना

कुछ लाख इंसान क्या मार दिएये कोरोना अपने आप को सर्व शक्तिमान समझने लगा।इंसानो की मौत पर रोने वाले बुज़दिल नहीं हम,दम है तो हमारी वहशियत को ख़त्म करके बता। है हिम्मत तो बता छीनकर हमसे हमारी साम्प्रदायिकता,अरे कोरोना तू नहीं बदल सकता हमारी मानसिकता।शमशान और कब्रिस्तान पर तो हम अपने महल बनाते है,हम वोContinue reading “गुमान न कर कोरोना”

मेरे पुरखो का देश

भक्तिरस से तृप्त होकर जैसे ही मै सो गया,खुशहाल चमन के सपनो का दौर शुरू हो गया।जब किसी विघ्नसंतोषी ने मुझे जगाया,मैंने अपने आप को किसी और स्थान में पाया। यहाँ मित्रो में होड़ लगी थी, कौन क्या बेचेगा,बेचने वाले निश्चिन्त थे मै भला क्या सोचूंगा।इसीलिए वे काफी कुछ मुफ्त में बाट रहे थे,मेरी सहमतिContinue reading “मेरे पुरखो का देश”

मै खुदा नहीं

किसी और से क्या लड़ना,अभी खुद से जंग जो बाकी है।किसी के आंसुओ का मोहताज नहीं मैये खज़ाना तो मेरे पास भी है। पर इतना बड़ा भी दिल नहीं है मेराकि बाटता फिरू दर्द ज़माने से।हा कोई अगर चाहे तो दे दो मुझे,मेरे सर आँखों पर थोड़ी जगह खाली है। किसी को रुलाना फितरत नहींContinue reading “मै खुदा नहीं”

वारिस

सरदार ने बनाया था भारत सभी को जोड़कर,कैसे ले सकते है उनका नाम हम दिलो को तोड़कर?आझाद हिन्द पर जो जान न्योछावर करते थे,वो नेताजी क्या किसी और की गुलामी सह सकते थे? बहरो को सुनाने के लिए जो बम के धमाके किया करते थे,तारीख पर तारीख क्या वो शहीद ऐ आज़म सह सकते थे?जातीContinue reading “वारिस”

झूठा सुकून

आज मेरे घर पर भीड़ चढ़ आयी,ये ‘उनकी’ नहीं, अपनों की भीड़ थी।मैंने ही तो गाए थे कभी इनके गुणगान,ना कहता था मै ये ही बचाएंगे हमें ‘उनसे’? फिर भला क्यों ये घुसना चाहते है मेरे घर में?अब ये किसे अपनी जगह दिखाना चाहते है?किसको खतरा देखते है मेरे बेटो से?या इन्हे एतराज है मेरीContinue reading “झूठा सुकून”

अपने पराये

परायो को पहचानना तो आपने सीखा दिया,अब अपना कौन है ये भी समझा देते।मज़हब से तो वो अपने लगते है,पर जात अलग होने की दुहाई देते है।खुश हुए जब हम अपनी जात वालो से मिलकर,तोड़ दिया दिल उन्होंने आमदनी पूछ कर।हमारी त्वचा का रंग भी कुछ को नहीं भाया था,त्वचा का ही नहीं हमारी कालरContinue reading “अपने पराये”

उल्टी चाल

ऐ मालिक बस एक मेहेर कर दे,वक्त के पहिये को घुमा दे थोड़ा पीछे।कुछ है ऐसा जिसे फिर जीना चाहता हु,और कुछ ऐसा जिसे चाहता हु थोड़ा बदलना। लौटा दे मुझे वो हर रात सुबह का इंतजार करने के लिए,वो हर दिन जब होती थी आस किसी का दीदार करने की।दोस्तो की महफ़िल फिर जमेगीContinue reading “उल्टी चाल”

नायक

आप का जो जी चाहे बन जाइये,पर मेहेरबानी करके हमें मत लड़ाइये।आप और हम तो कल चले जायेंगे,पर इस आग में हमारे बच्चे झुलस जायेंगे । आग लगाने वाले हमेशा खाक हो जाते है,बुझाने वाले ही हमेशा याद रखे जाते है।इतिहास गवाह है, इतिहास बदले नहीं बनाये जाते है,मारने वाले नहीं, बचाने वाले ही नायकContinue reading “नायक”

सपना

सो जाऊँ कभी तुम्हारी ज़ुल्फो में तो मत उठाना,   मेरे बालों को भले ही तुम मत सहलाना ।    हा तुम अगर थक जाओ तो जरूर उठ जाना,  पर मुझे मीठी नींद से मत जगाना।   क्या करू बरसो से सोया जो नहीं,  दुनिया के डर से कभी रोया भी नहीं।    ढूंढता हू तुम्हे तो सब पागलContinue reading “सपना”