
यदि मै जब कभी संक्रमित हो जाऊंगा,
शायद अपने को डॉ अली के अस्पताल में पाउँगा।
मेरी ऑक्सीजन का स्तर जो गिर जायेगा,
बेटा दौड़कर सिस्टर मारिया को बुलाएगा।
यदि मेरे साथ मेरी पत्नी भी संक्रमित हो जाएगी,
मेरे परिवार को तब गुरुद्वारे के लंगर की याद आएगी।
भगवान न करे पर जब मेरी सांसे उखड जायेगी,
मेरे बेटे को अपने पराये की पहचान हो जाएगी।
बेटा मुझे कंधा देने वालो के धर्म से मत वास्ता रखना,
मेरी चिता रचने वालो को तू जाती से मत परखना।
हा बस मेरे श्राद्ध के वक्त तू संस्कारो को मत भूल जाना,
अली, मारिया और सरदार अंकल को मत बुलाना
हकीकत
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