
किसी और से क्या लड़ना,
अभी खुद से जंग जो बाकी है।
किसी के आंसुओ का मोहताज नहीं मै
ये खज़ाना तो मेरे पास भी है।
पर इतना बड़ा भी दिल नहीं है मेरा
कि बाटता फिरू दर्द ज़माने से।
हा कोई अगर चाहे तो दे दो मुझे,
मेरे सर आँखों पर थोड़ी जगह खाली है।
किसी को रुलाना फितरत नहीं मेरी,
बस न रोको मुझे रोने से।
न मै लायक खुदा बनने के,
न ही ये जुस्तजू मेरी।
बहुत अच्छा, दिल को छूने वाला पोस्ट।
LikeLike