
मत बनो महज एक पन्ना,
बनना ही है कुछ तो पूरी किताब बनो ।
पन्नो का कोई वजूद नहीं होता,
सिर्फ एक कागज और थोड़ी सी स्याही।
हा नजर वो जरूर पहले आते है,
किताबो को बनने में समय जो लगता है।
पन्ने मोहताज होते है हवाओ के रुख के
लोग ये अक्सर भूल जाते है।
उड़ते वक्त जो दिखते है बाज
जमींन पर वो बौने नजर आते है।
किताबे उड़ना नहीं, सर उठाना सिखाती है,
और गाड़े भी रखती है पैरो को जमींन पर।
Outstanding post
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