
जो तू हार जाए कभी तो रो लेना,
महसूस भी करना दर्द को।
पर न टूटने देना हौसलो को,
घोल कर पी जाना शराब समझ कर।
जब पहुंचेगा दर्द रग रग में,
लाएगा उबाल लहू में तेरे।
मिला देगा खाक में उन सभी को,
जिन्होने हराया था तुझे कभी।
आज के नशे में धुत वो भूल चुके होंगे,
कल तो दुतरफा है, एक पीछे और दूसरा आगे।
कल जो इतराते थे तुझे हराकर,
सर झुकाये खड़े होंगे कल ।