
सरदार ने बनाया था भारत सभी को जोड़कर,
कैसे ले सकते है उनका नाम हम दिलो को तोड़कर?
आझाद हिन्द पर जो जान न्योछावर करते थे,
वो नेताजी क्या किसी और की गुलामी सह सकते थे?
बहरो को सुनाने के लिए जो बम के धमाके किया करते थे,
तारीख पर तारीख क्या वो शहीद ऐ आज़म सह सकते थे?
जाती और धर्म के नाम पर यदि हम दुराचारियो को बचाएंगे,
क्या हम छत्रपति शिवाजी महाराज के वारिस बन पाएंगे?