
सो जाऊँ कभी तुम्हारी ज़ुल्फो में तो मत उठाना,
मेरे बालों को भले ही तुम मत सहलाना ।
हा तुम अगर थक जाओ तो जरूर उठ जाना,
पर मुझे मीठी नींद से मत जगाना।
क्या करू बरसो से सोया जो नहीं,
दुनिया के डर से कभी रोया भी नहीं।
ढूंढता हू तुम्हे तो सब पागल कहते है,
नासमझ कह कर वो मुझ पर हसते है।
आज सपनो में ही सही मै तुम्हे पा तो लूंगा,
जो कभी नहीं कह पाया वो बात कह दूंगा।
तुम हा कह देना मेरा दिल रह जायेगा,
पागल है साला यु ही खुश हो जायेगा।