
खुले नहीं है मंदिर, न ही मस्जिदे खुली है,
बंद है गिरिजे, गुरद्वारे भी बंद है ।
आज जब सबसे ज्यादा जरुरत है हमें ,
तो क्यों इन सबके हात तंग है।
इनके नाम पर मरने मारने पर उतारू रहने वाला इंसान,
कैसे आज मान बैठा डॉक्टर को ही अल्ला, गॉड और भगवान।
बक्श दो यमराज आज अगर मै तुम्हारे साथ जो आ जाऊंगा,
एक छोटे से विषाणु से मर गया यह इल्जाम नहीं सह पाउँगा।
वादा है मेरा यमराज, बहोत जल्द होऊंगा हाजिर आपके दरबार में,
आप शायद वाकिफ नहीं परमाणु बम का भंडार है संसार में।
इससे भी बच गया तो दंगे फसाद में ‘शहीद’ हो जाऊंगा,
पर बिना किसी को मारे ही मर गया ऐसा बुजदिल तो नहीं कहलाऊंगा।
Very scathing comment on communalism!
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